प्रसिद्ध अमरीकी टीकाकार व कार्यकर्ता नोआम चाम्सकी ने कहा है कि आईएसआईएल और चरमपंथी गुट अमरीका ने बनाए हैं।
नोआम चाम्सकी ने पहली अक्तबर को ट्रूथ आउट न्यूज़ संगठन के साथ इंटर्व्यू में यह बात की। उन्होंने कहा,“ आईएसआईएल और चरमपंथी जेहाद, इराक़ के संवेदनशील समाज पर वाशिंग्टन द्वारा चलाए गए हथौड़े का स्वाभाविक परिणाम है।” उन्होंने कहा कि यह स्थिति अमरीका के लिए ख़तरनाक है किन्तु यह उसके हमले का स्वाभाविक अंजाम है। अमरीका-ब्रिटेन के हमले का भयावह अंजाम सांप्रदायिक तनाव का भड़कना था जो इस समय इराक़ को टुकड़े टुकड़े कर रहा है और यह पूरे क्षेत्र में भयावह अंजाम के साथ फैल गया है।
नोआम चाम्सकी ने सीरिया में तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल के ख़िलाफ़ अमरीका की अगुवाई में हो रहे हमलों की ओर संकेत करते हुए जो सीरियाई सरकार की अनुमति व समन्वय के बिना किया जा रहा है, कहा कि इस बात में संदेह नहीं कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणापत्र का उल्लंघन है।
प्रसिद्ध अमरीकी टीकाकार ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि आईएसआईएल की तकफ़ीरी जड़ सउदी चरमपंथ में निहित है, कहा कि ऐसा लगता है कि आईएसआईएल को सउदी अरब और संयुक्त अरब इमारात के धनवान लोगों की ओर से पैसों की लगातार मदद मिल रही है।
नोआम चाम्सकी ने सउदी अरब को दुनिया के सबसे अतिवादी देश की संज्ञा देते हुए कहा कि यह देश अपने तेल के विशाल संसाधनों को स्कूलों, मस्जिदों की स्थापना सहित दूसरे मार्गों से अपनी चरमपंथी वहाबी विचारधारा के प्रचार के लिए इस्तेमाल करता है। उन्होंने इसी प्रकार सीआईए के पूर्व अधिकारी ग्राहम फ़ुलर के उस बयान पर भी सहमति जतायी जिसमें फ़ुलर ने अमरीका को आईएसआईएल के मुख्य जन्मदाताओं में बताया जो 2003 में इराक़ के ख़िलाफ़ अमरीका के युद्ध के परिणाम में अस्तित्व में आया।
प्रेस टीवी के साथ 20 सितंबर को एक इंटर्व्यू में अमरीकी पत्रकार डॉन डीबार ने भी कहा था कि आतंकवादी गुट आईएसआईएल सीआईए की देन है और यह वाशिंग्टन के हितों की सेवा कर रहा है।
15 अक्टूबर 2014 - 18:59
समाचार कोड: 644615
प्रसिद्ध अमरीकी टीकाकार व कार्यकर्ता नोआम चाम्सकी ने कहा है कि आईएसआईएल और चरमपंथी गुट अमरीका ने बनाए हैं।